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प्रचार अभियान वाराणासी | 17 अक्तूबर 2008फोटो गैलरी बरेली | 5 अक्तूबर 2008भाषण"पूरी दुनिया में बरेली का नाम है। बात बरेली की हो और 'झुमके' या 'सुरमा' का उल्लेख न हो- यह हो ही नहीं सकता ! मगर इस बरेली की असली पहचान आजादी के आन्दोलन में भाग लेने से भी बनी है। अगर मैं गलत नहीं हूं तो यहीं के पास के शाहजहांपुर में पं राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्लाह खान और रोशन सिंह को फांसी पर चढ़ाया गया। बरेली के आम आदमियों के साथ-साथ रुहेलखण्ड के नबाबों ने भी इस आंदोलन में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया।" आगे पढ़ें कानपुर | 27 जून 2008भाषण"जब दो व्यक्ति काफी लम्बे समय तक इंतजार करने के बाद मिलते हैं तो यह निश्चित है कि वह मिलन यादगार बन जाता है।
और यही बात मेरे कानपुर आने पर भी लागू होती है। वास्तव में, यह रैली मेरे जीवन का एक यादगार क्षण बन गई है।
यह इसलिए भी है क्योंकि कानपुर का मेरे राजनीतिक जीवन में एक विशेष स्थान है। एक तरह से मैं आज की रैली को ''कानपुर से कानपुर से कानपुर तक'' कहूंगा।" आगे पढ़ें |