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दिल्ली
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प्रचार अभियान 

विजय संकल्प रैली | 06 अक्तूबर 2008

भाषण

"पिछले दशकों में किसी दूसरे शहर ने इतनी तेजी से तरक्की नहीं की है जितनी कि दिल्ली ने। दिल्ली का न केवल आबादी और आकार में ही बदलाव आया है बल्कि इसके स्वरूप में भी परिवर्तन आया है।

देश की राजधानी होने के नाते दिल्ली हमेशा विश्वबंधुत्व की प्रतीक रही। दिल्ली का समाज विभिन्न फूलों वाले एक सुन्दर गुलदस्ते के समान रहा है। अब पिछले दशकों में इसकी सुन्दरता और आकर्षण को बढ़ाते हुए विभिन्न रंगों और किस्मों के फूल इस गुलदस्ते का हिस्सा बन गये हैं।

दिल्ली आज पंजाबियों, बिहारियों, उत्तरप्रदेशवासियों, बंगालियों, उड़ीसावासियों, तमिलों, तेलुगुभाषियों, कन्नड़भाषियों, मलयालियों, कश्मीरियों.......वास्तव में, देश के हर प्रान्त के लोगों का घर है।

असमी, नगा, मिजो, गोरखा और दूसरे अनेक लोग जो पूर्वोत्तर के निवासी हैं भी, दिल्ली में रहते हैं। मुझे दिल्ली में मणिपुरी प्रवासी संघ द्वारा आयोजित एक समारोह में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया था।"

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फोटो गैलरी

 

रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी | 04 अक्तूबर 2008

भाषण

"इस संगोष्ठी का विषय बहुत ही प्रासंगिक है। इस समस्या की पूरी तरह जानकारी होते हुए भी व्यक्ति इसकी गंभीरता के बारे में लापरवाह हो जाता है। इसलिए बहुत से लोगों को यह जानकर आश्चर्य होगा कि आतंकवाद की समस्या स्वतंत्र भारत के जीवन में लगभग आधी अवधि से चली आ रही है। 1970 के दशक के आखिरी वर्षों से भारत विदेशों द्वारा प्रायोजित आतंकवाद के भंवर में फंसा हुआ है जिसने पंजाब, जम्मू व कश्मीर, पूर्वोत्तर राज्यों और भारत के शेष हिस्सों में नागरिकों तथा सुरक्षा बलों के लगभग 80,000 लोगों की जान ले ली है। विश्व में ऐसा कोई दूसरा देश नहीं होगा जो इतने लम्बे समय से आतंकवादी घटनाओं का शिकार रहा हो और जिसने इतनी भारी क्षति उठाई हो।"

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अजमल खां पार्क | 19 सितंबर 2008

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भारतीय जनता युवा मोर्चा की युवा क्रान्ति रैली | 09 अगस्त 2008

भाषण

"आज 9 अगस्त है। भारत के स्वाधीनता संग्राम के इतिहास में यह दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हुआ है। यह पावन दिन है। यह क्रान्ति के उद्धोष का दिन है। सन् 1942 में इसी दिन महात्मा गांधी ने 'अंग्रेजो भारत छोड़ो' का नारा दिया था। उस दिन से जो आंदोलन शुरू हुआ वह 'भारत छोड़ो आन्दोलन' या quit india movement के नाम से चिरस्मरणीय रहा। इस आन्दोलन की परिणति पांच साल बाद 15 अगस्त 1947 को भारत की आजादी में हुई।

अब छह दिन बाद 15 अगस्त का पावन दिन आएगा जब भारत अपनी आजादी की 61वीं सालगिरह मनाएगा।"

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भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा का महिला सम्मेलन | 12 जुलाई 2008

भाषण

"मुझे आज आपके बीच आकर बहुत खुशी हो रही है। कुछ हफ्ते पहले श्री शाहनवाज़ हुसैन मेरे पास आए थे और उन्होंने मुझे महिला सम्मेलन आयोजित करने की योजना के बारे में बताया था। जब उन्होंने इस सम्मेलन का उद्धाटन करने के लिए मुझसे अनुरोध किया तो मेरे मन में कुछ संदेह थे कि इस कार्यक्रम में कितनी महिलाएं भाग लेंगी। हमारे विरोधियों द्वारा किए गए लगातार दुष्प्रचार कि भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक खासकर मुस्लिम विरोधी है, के कारण मेरे मन में संदेह थे।"

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