|
प्रचार अभियान बेलगाम | 23 अक्तूबर 2008भाषण"मित्रो, बेलगाम एक सुन्दर और बहुत ही विशेष शहर है। यहीं पर महात्मा गांधी ने सन् 1924 में जब वे कांग्रेस के अध्यक्ष बने थे, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अधिवेशन की अध्यक्षता की। यहीं पर स्वामी विवेकानन्द सन् 1892 में मनन-चिन्तन (meditation) के लिए 12 दिनों तक रूके थे। मुझे बताया गया है कि बेलगाम के नागरिकों ने उस स्थान को संजोकर रखा हुआ है जहां पर स्वामी विवेकानन्द शहर में स्थित सुन्दर ढंग से पुनरूध्दार किए गए रामकृष्ण मठ के अहाते में रूके थे।" आगे पढ़ें बंगलौर | 04 नवम्बर 2008भाषण"आज मेरे जीवन का एक बहुत ही आनन्ददायक और संतोषजनक दिन है। किसी भी लेखक के लिए उसकी पुस्तक का लोकार्पण एक बहुत ही विशेष क्षण होता है। मेरे मामले में, यह मेरी आत्म-कथा के चौथे भाषायी संस्करण का विमोचन है। मैंने यह पुस्तक अंग्रेजी में लिखी थी जिसका विमोचन डॉ0 अब्दुल कलाम द्वारा इसी वर्ष मार्च में नई दिल्ली में किया गया था। मेरे सहयोगियों ने कहा कि इस पुस्तक को भारत की सभी प्रमुख भाषाओं में प्रकाशित किया जाना चाहिए। उन्होंने जून में इसे हिन्दी में प्रकाशित कराया और पिछले महीने इसके तेलुगु संस्करण का लोकार्पण किया गया।" आगे पढ़ें ''नन्न देश नन्न जीवन'' के लोकार्पण पर श्री नारायणमूर्ति का भाषण फोटो गैलरी |