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भारत-बांग्लादेश सम्बन्ध
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बंगलादेश से अवैध घुसपैठियों के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी के अभियान से भारत और बंगलादेश जिनका साझा इतिहास उनके मध्य उभरे कुछ मतभेदों को भुलाने के लिए काफी महत्वपूर्ण है, के बीच मैत्रीपूर्ण तथा सहयोगी सम्बन्धों में, दोनों देशों के हित में, किसी भी रूप में कमी नहीं आयेगी। भूगोल, इतिहास और विकास की कई बातें बताती हैं कि भारत और बंगलादेश ने दो समान और सार्वभौमिक भागीदारों के बीच एक परस्पर लाभकारी द्विपक्षीय सम्बंध बनाये। बंगलादेश तीन ओर से भारत से घिरा हुआ है। इसके सभ्यतात्मक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक इतिहास की जड़ें भारत के साथ साझी हैं। वस्तुत: बंगलादेश का भाग्य मध्य-पूर्व से ज्यादा भारत के भाग्य से ज्यादा घनिष्ट रुप से जुड़ा हुआ है।

बाढ़ जैसी बार-बार आने वाली समस्याओं जिन्होंने बंगलादेश और भारत के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में संकट की स्थिति पैदा कर दी है, को प्रभावी क्षेत्रीय और उप-क्षेत्रीय सहयोग से ही हल किया जा सकता है। अंतत: गरीबी दूर करने और बंगलादेश तथा भारत में इसके आसपास के राज्यों में करोड़ों लोगों के जीवन-स्तर में सुधार लाने की चुनौती का बाजारों को एकीकृत करके, प्राकृतिक संसाधनों का सही इस्तेमाल करके, आधारभूत सुविधाओं को जोड़कर और जन-संपर्क बढ़ाकर ही प्रभाव ढंग से मुकाबला किया जा सकता है।

हालांकि यह सब एक कानूनी तथा सुनिश्चित ढंग से और परस्पर सुरक्षा को पूरी तरह से ध्यान में रखकर होना चाहिए। मैं आशा करता हूं कि बंगलादेश की सरकार अपने नागरिकों की भारत में घुसपैठ को रोकने और आई.एस.आई. द्वारा समर्पित कई भारत विरोधी दहशतगर्द तथा आंतकवादी समूहों को शरण देने की अपनी नीति को बंद करने पर सहमत होकर मैत्रीपूर्ण संम्बध बनाने के लिए भारत की इच्छा का सम्मान करेगी।

 

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