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सार्वजनिक जीवन में हमारी यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी होगी कि आपके वोटों से अच्छी और उत्तरदायी सरकार बने। जहां तक भारतीय जनता पार्टी का सम्बन्ध है, मैं चाहता हूं कि हमारी सरकार आपकी अपेक्षाओं पर खरी उतरे। मैं यह इसलिए कहता हूं कि हम जानते हैं कि आपकी अपेक्षाएं और आकांक्षाएं क्या हैं। आप महान भारत का निर्माण करने में सफल हों, समर्थ हों, इसके लिए भारतीय जनता पार्टी आपसे वादा करती है और मैं भी व्यक्तिगत रूप से आपसे वादा करता हूं कि हम पांच बड़े क्षेत्रों में पहल करेंगे और सुधार लायेंगे।
पहला, हम यह सुनिश्चित करने के लिए कार्य करेंगे कि आप में से प्रत्येक युवा को सर्वोत्तम शिक्षा प्राप्त हो।
दूसरा, सबसे गरीब विद्यार्थियों को भी अपनी शिक्षा पूरी करने तथा अपनी प्रतिभा तथा योग्यताओं के अनुसार नौकरियां प्राप्त करने हेतु अपनी काबलियत में सुधार लाने के लिए वित्तीय सहायता मिले।
तीसरा, हम आपकी सुरक्षा को सुनिश्चित करेंगे ताकि आप इस महान देश में बिना भय के रह सके और यात्रा कर सकें तथा कहीं पर भी काम कर सकें। आतंकवाद और नक्सलवाद की समस्याओं से कड़ाई से निपटा जाए।
चौथा, हम अपने पर्यावरण के संरक्षण के लिए आपके साथ मिलकर काम करेंगे ताकि भारत हरा-भरा रहे और उन्नति कर सके। हमारी पवित्र नदियां, हमारी झीलें, हमारे पहाड़, हमारे वन, हमारा वन्य-जीवन, हमारे समुन्द्र तट-ये सभी भारत के अमूल्य प्राकृतिक संसाधनों का एक हिस्सा हैं। इन संसाधनों को संरक्षित रखना हमारार् कत्तव्य है, सरकार और जनता दोनों कार् कत्तव्य है।
अंतिम, हम अपने वर्तमान शहरों में सुधार लाने, नये सुन्दर शहर बनाने, हमारे गांवों में ऐसी उन्नत किस्म की सुविधाएं मुहैया कराने के लिए आपके साथ मिलकर कार्य करेंगे जिससे आपको बाहर जाने तथा कुछ शहरी गंदी बस्तियों में रहने पर मजबूर न होना पड़े।
हम इस वादे को कैसे पूरा करेंगे? आइए, हम उन पर एक-एक करके चर्चा करें।
सभी के लिए गुणवत्तावाली शिक्षा : सबसे पहले हम शिक्षा क्षेत्र को नियंत्रण मुक्त करायेंगे ताकि इन क्षेत्रों में सीटें और सुविधाएं बढ़ाई जा सकें और उनमें सुधार लाया जा सके। यह एक दु:खद स्थिति है जैसे कि हमने विनिर्माण और दूर-संचार के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी देखा है कि एक नियंत्रण मुक्त क्षेत्र किस तरह से प्रगति कर सकता है, शिक्षा क्षेत्र में अभी भी पुरानी पध्दति और लाइसेंस-कोटा राज चल रहा है। सार्वजनिक विश्वविद्यालय कुछ ही संख्या में हैं : प्राइवेट कॉलेज बहुत अधिक फीस वसूलते हैं; शिक्षकों को सेवा के बदले पर्याप्त वेतन नहीं दिया जाता। एक ओर हमें अच्छे तकनीशियन और कुशल कारीगर नहीं मिलते हैं तो दूसरी ओर, अच्छी नौकरियों के पद खाली पड़े रहते हैं - समस्याओं की सूची काफी लम्बी है।
हम भारत में उच्च शिक्षा के लिए दरवाजे खोलेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी पात्र विद्यार्थियों के लिए काफी सीटें उपलब्ध हों। हम उन सभी के लिए प्रोत्साहनों का सृजन करेंगे जो शिक्षा को बढ़ावा देना चाहते हैं; अच्छे निजी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की स्थापना करायेंगे; शिक्षण क्षेत्र की सर्वोत्तम संस्थाओं से भागीदारी करेंगे; अधिक से अधिक व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थाओं की स्थापना करेंगे; उनके लिए सुविधाएं विकसित करेंगे और अनुसंधान की संस्कृति को बढ़ावा देंगे। हम विद्यार्थियों के लिए सीटें बढ़ायेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि अध्यापकों को उनके कार्यों के लिए उचित वेतन मिले।
आई.आई.टी. और आई.आई.एम. जैसी हमारी शीर्ष शैक्षणिक संस्थाएं स्वायतशासी रहेंगी और जहां कहीं वे उचित समझें, शैक्षिक उत्कृष्टता को बढ़ा सकेंगी। उनके कार्य-संचालन में किसी तरह का सरकारी हस्तक्षेप नहीं होगा। हमारे देश में विश्व के सर्वोत्तम विद्यार्थी मौजूद हैं; हम यह सुनिश्चित करेंगे कि वे विश्व की सर्वोत्तम शैक्षिक संस्थाओं में जा सकें। हमारी सरकार छात्रवृत्तियां और ऋणों के रूप में सभी पात्र विद्यार्थियों के लिए वित्तीय सहायता दिलाने की व्यवस्था करेगी।
हमारे कई संगठन आपको अवसर देना चाहते हैं कि आप रचनात्मक कार्य करके समाज की सेवा करें। मैं जानता हूं कि आप में से अनेक युवा सार्वजनिक नीति तैयार करने के अलावा, सार्वजनिक जीवन में भाग लेना चाहते हैं। हमारी भावी सरकार हमारे सम्मानित नेता श्री अटल बिहारी वाजपेयी के सम्मान में एक नया और अत्यंत प्रतिष्ठित राष्ट्रीय फैलो कार्यक्रम शुरु करेगी। शुरु में हम 25 वर्ष की आयु तक के युवा भारतीय नेताओं को अंडर ग्रेजुएट डिग्री के साथ विशेष राष्ट्रीय फैलोशिप प्रदान करेंगे। इनमें से हरेक युवा नेता को किसी सरकारी संगठन में एक साल की इंटरनशिप मिलेगी। इनमें से कम से कम 50 राष्ट्रीय फैलो प्रधानमंत्री कार्यालय तथा अन्य मंत्रालयों में ''पालिसी असाइनमेंट'' पर कार्य करेींगे। एक स्वतंत्र विख्यात जूरी इन राष्ट्रीय फैलोज का चयन करेगी और सभी को आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
सभी के लिए रोजगार के अवसर : एक बार प्रतिभा को शिक्षा पध्दति के जरिए योग्यताओं में तबदील कर गया तो उन नौकरियों में युवाओं को अपने लिए अधिक से अधिक अवसर पैदा होंगे। नई और आकर्षक नौकरियां निश्चित ही सूचना प्रौद्योगिकी (आई.टी.) और वी.पी.ओ. जैसे उभरते उद्योगों से ही पैदा होंगी क्योंकि वे आधुनिक विनिर्माण के जरिए ऐसा करेंगे। लेकिन इस दिशा में और भी कुछ किया जा सकता है और किया जाना चाहिए। हमने अभी सेवा क्षेत्रों में संभाव्यताएं ढूंढ़नी शुरु की हैं जैसे-उत्पाद और प्रसंस्करण डिजाइन, शल्य-चिकित्सा, सिविल इंजिनियंरिग, लेखा-पध्दति (Accountancy), कानूनी सहायता, नई तकनीकों का इस्तेमाल करके दूरस्थ शिक्षण।
मुझे यकीन है कि ठोस नीतियों के जरिए भारतीय कृषि में उत्पादन बढाने से हमारे शिक्षित युवाओं को लाखों लाभप्रद तथा संतोषप्रद नौकरियां उपलब्ध हो सकती हैं। इसके लिए हमें ऐसी तकनीकों की जरुरत है जिससे भारत के ग्रामीण क्षेत्रों की कायापलट हो सके।
हमें जल तथा मृदा संरक्षण, आर्गनिक खेती, नई और अधिक मूल्य दिलाने वाली फसलों-दालों, फल, सब्जियों के उत्पादन, किसानों द्वारा उत्पादित वस्तुओं और जिंसों के संरक्षण की तकनीकों की जरुरत है और यह सुनिश्चित करने की भी आवश्यकता है कि किसानों को बेहतर ऋण और विपणन सुविधाएं मिले। हम इन क्षेत्रों पर प्राथमिकता के आधार पर ध्यान देंगे ताकि भारतीय ग्रामीण क्षेत्रों की कायापलट होने पर आपको अच्छा काम मिल सके और बेहतर अवसर मिल सकें।
आतंकवाद के खिलाफ लडाई में कोई समझौता नहीं : वर्तमान सरकार की सबसे बड़ी विफलता का कारण कानून का अभाव और आतंकवाद के प्रति इसका ढुलमुल रवैया है। रसार्वजनिक परिवहन में यात्रा करना अक्सर आपके लिए कष्टदायी साबित हो सकता है। आपमें से अनेक युवाओं विशेषकर लड़कियों तथा युवा महिलाओं को परेशान किया जाता है और उत्पीड़न का शिकार बनाया जाता है। कभी-कभी आपको देश के उन क्षेत्रों में बसने में डर लगता है जहां हिंसा की वारदातें होती रहती है या जो बाहरी लोगों के लिए अनुकूल नहीं है।
जैसा भारत हम चाहते हैं, यह वैसा नहीं है। हम एक ऐसा भारत चाहते हैं जहां, चाहे देश का कोई भी हिस्सा हो, आप उसका चयन करके अपना सर्वोत्तम योगदान दे सकें। हम उस काम को फिर से शुरू करेंगे जो पोटा जैसे आवश्यक कानूनों को बहाल करने, उनका कार्यान्वयन सुनिश्चित करने, अपने सुरक्षा बलों में सुधार लाने एवं उन्हें मजबूत बनाने के लिए हम कर रहे थे। हम यह भी सुनिश्चित करेंगे कि उनके ढांचे, कार्य-संस्कृति और वेतन तथा सुविधाओं में सुधार हो ताकि आप लोगों में से अनेक युवा अपना कैरियर बना सके।
भारत के अमूल्य पर्यावरण का संरक्षण : आपको और आपके प्रियजनाें का बचाव करने के साथ-साथ हमें इस सुन्दर देश को भी बचाना होगा। मैं जानता हूं कि हमारे देश में जनता के अधिकांश वर्ग और युवक हमारे पर्यावरण का संरक्षण करने के लिए बहुत समर्पित हैं। बहरहाल, हम इस महान देश को तब तक अपना नहीं कह सकते जब तक आपमें यह विश्वास पैदा न हो जाए कि आप देश की भावी पीढ़ियों के संरक्षक हैं।
हमारी सरकार उस तरीके में सुधार लायेगी जिसमें हम पर्यावरणीय मुद्दों से निपटना चाहते हैं। हम ऐसी पर्यावरण नीतियां और विनियमन तैयार करेंगे जिनसे आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण और वन्य-जीवन सुरक्षित रह सके। मैं चाहता हूं कि हमारी सरकारें कराधान और पारितोषिकों की एक नई व्यवस्था बनाएं-जिसमें जनता और उद्योगों को, जिस तरह से वे समाज में अपना योगदान देना चाहते हैं, के आधार पर दंडित नहीं किया जाए बल्कि जिस तरह से हमारे अपूर्य संसाधनों के भण्डार का दोहन कर रहे हैं तथा हमारे पर्यावरण को नुक्सान पहुंचा रहे हैं, उसके अनुसार उन्हें दंडित किया जाना चाहिए। हम एक स्वतंत्र पर्यावरण प्रबन्ध प्राधिकरण का गठन करेंगे जिसकी अध्यक्षता एक विश्व प्रसिध्द पर्यावरण विशेषज्ञ करेगा और इस प्राधिकरण में विख्यात वैज्ञानिकों का स्टॉफ होगा। यह प्राधिकरण हमारे पर्यावरण और वन्य-जीवन के लिए हर संभव योजनाएं तैयार करने तथा हरेक सरकार को जवाबदेह बनाने में हमारी मदद करेगा।
शहरी भारत की कायापलट : मैं गांवों और शहरों के बाद अब इस मुद्दे पर आता हूं। हमारी पहली प्राथमिकता हमारे गांवों में उन सुविधाओं और अवसरों का सृजन करना होगा जिनसे वहां पर लोगों को रोजगार दिया जा सके तथा उनका जीवन बेहतर बनाया जा सके-ताकि उन्हें अपना गांव छोड़कर शहरी झुग्गी-झोपड़ियों की ओर भागने पर मजबूर न होना पड़े। दूसरे, हमें अपने शहराें में भी सुधार लाना होगा। शहर भी अच्छी स्थिति में नहीं हैं। वहां के अप्रिय तथ्यों जो हमारे आस-पास मौजूद हैं, को दोहराने की जरूरत नहीं है। उदाहरण के लिए मुम्बई को एक अन्तर्राष्ट्रीय वित्तीय केन्द्र बनाने के कई खाली वादे किए गए हैं। आप जानते होंगे कि उनपर क्या कार्रवाई की गई? हम अपने विद्यमान शहरों में स्थिति को बेहतर बनायेंगे और कई नये सुन्दर शहर बसायेंगे।
इसके लिए कई मोर्चों पर समन्वित कार्रवाई करने की जरूरत है जिसमें शहरी सम्पत्ति अधिकारों को सुदृढ़ बनाना, भूमि उपयोग प्रतिबन्धों को लागू करना, बेहतर सम्पत्ति कर संग्रहण स्थापित करना और म्यूनिसिपल शासन में सुधार लाना शामिल है। हम ये सब कार्य अपने विद्यमान शहरों में करेंगे। लेकिन हम और भी वादा करते हैं - हम वादा करते हैं कि हम ऐसे शहरों का निर्माण करेंगे जहां रहने में आपको गर्व महसूस हो। ऐसे शहर जहां ग्रामीण इलाकों से आये हमारे भाइयों और बहनों का स्वागत हो, ऐसे शहर जहां परिवारों के बसने के लिए हरी-भरी और खुशनुमा जगह हों और ऐसे शहर जहां पर शानदार और बड़ी-बड़ी जगह हो।
अब आपसे हमारा यह भी वादा होगा :
बृहद् शैक्षणिक क्षमता का सृजन ताकि प्रत्येक युवा विशेषकर अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़े वर्गों और दूसरे समुदायों के उपेक्षित वर्गों के युवाओं के सपने साकार हो सकें। शिक्षा पूरी करने के लिए आर्थिक सहायता। तरक्की के भावी क्षेत्रों में सभी युवकों और युवतियों के लिए नई और आकर्षक नौकरियों के मौके। हमारी नीतियों और संस्थाओं में सुधार लाने के लिए सार्वजनिक जीवन में काम करने के अवसर। आपकी आजीविका और महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति की सुरक्षा। हरा-भरा और साफ-सुथरा भारत। आपके और आपके परिवारों के लिए समृध्द गांव तथा सुन्दर एवं मनमोहक शहर।
-दिनांक 20 अक्तूबर, 2008 को नई दिल्ली में 'इंडिया बनाओ' द्वारा आयोजित विद्यार्थियों के साथ बातचीत सत्र में श्री लालकृष्ण आडवाणी द्वारा दिए गए भाषण से। |